जिले की पहचान कालीन से है। अब इसकी झलक एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर देखने को भी मिल रहा है। जहां वन स्टेशन वन उत्पाद के काउंटर पर जिले की पहचान कालीन मिलती है।अगर आप ट्रेन का सफर कर रहे है और ट्रेन मिर्जापुर स्टेशन से गुजरे, यहां पर ठहराव हो तो कालीन क खरीदारी कर सकते हैं। जहां 500 से लेकर पांच हजार और उससे अधिक के कालीन का सामान मिल जाएगा। रेलवे पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि रेल मंत्रालय भारत सरकार के वोकल फॉर लोकल विजय को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्वदेशी उत्पादों के लिए एक बाजार प्रदान किया गया है। वन स्टेशन वन उत्पाद के तहत रेलवे स्टेशन पर स्वदेशी उत्पदों को प्रदर्शित करने के लिए शोरुम बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के 73 रेलवे स्टेशनों में इस योजना को शामिल किया गया है। स्वदेशी जनजातियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां, स्थानीय बुनकरों द्वारा हथकरधा, विश्व प्रसिद्ध लकड़ी की नक्काशी आदि उत्पाद इन स्टेशनों पर हैै। स्टाल संचालक विक्रम कार्पेट के शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि मिर्जापुर की प्रसिद्ध कालीन को को इससे और पहचान मिलेगी।