मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें लेकर सत्संग हाल में पहुंचे अड़गड़ानंद जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि गीता गोपनीय से भी अति गोपनीय धर्मशास्त्र है।
गीता से भेदभाव मिट जाता है।
गीता सृष्टि के आरंभ में धर्मशास्त्र थी लेकिन कालांतर में इस पर रोक लगा दिया गया।
कहा गया कि यह केवल ऋषि मुनियों के लिए है। गीता को भगवान ने अपना अंश बताया है। गीता के अध्ययन से आप सभी अपने मंजिल को पा सकते हैं।
कहा कि एक बार रूस में गीता को लेकर हंगामा हुआ कि गीता अनावश्यक है लेकिन तब मुलायम सिंह ने गीता को सम्मान दिलाने के लिए अथक मेहनत की।
गीता पर जब जब इस तरह की बात आई ये लोग सामने आ गए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आपके कल्याण के लिए आपके क्षेत्र में आए हैं।
आप धैर्य रखें लखनऊ जाते ही सबके कल्याण के लिए फैसले लेंगे। सत्संग के दौरान मुख्यमंत्री भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे।