फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरे के निशान से 1.544 मीटर नीचे पहुंचा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा का पानी खतरे के निशान 77.724 से 1.544 मीटर नीचे आ गया है। पानी घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेत और सिवानों में उठ रहे दुर्गंध से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। उधर, बृहस्पतिवार को शाम चार बजे प्रति घंटे आठ सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में कमी आने का सिलसिला जारी रहा। बाढ़ का खतरा टलने के बाद अब किसानों ने प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन

छानबे विकास खंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गंगा के जल स्तर में कमी आने के बाद गंदगी व दुर्गंध से लोग परेशान हैं। धान, बाजरा, उरद, मूंग, तिल के अलावा सब्जियों की फसलें डूबने के बाद सड़ने लगी हैं। दुर्गंध से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। सीखड़ क्षेत्र में बाढ़ के चलते तटवर्ती इलाके में फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। मूंगफली, मक्का, तिल, मूंगफली, बाजरा, गेंदा फूल की खेती बर्बाद हो गई है। अभी तक शासन स्तर से किसी भी किसान को सहायता नहीं दी गई है। कैलहट क्षेत्र में लगातार गंगा का जलस्तर घटने के बाद अब खतरा बढ़ने लगा है। जगह-जगह जलभराव व फसलें सड़ने से उठने वाले निकलने वाले दुर्गंध के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें