विंध्याचल। नवरात्र में बुधवार की रात से ही माता के जयकार से विंध्याचल धाम गुंजायमान हो उठा। नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को जगत जननी मां विध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार पहले दिन बृहस्पतिवार को देर रात तक तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए।
नवरात्र में विंध्याचल धाम क्षेत्र के साथ ही पहाड़ पर विराजमान माता अष्टभुजा देवी व महाकाली मंदिर के अलावा कई और देवी मंदिरों की पुष्प-पत्तियों और रंग-बिरंगे झालरों से सजावट की गई है। घंटों, शंख और मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। शारदीय नवरात्र मेला शुरू होते ही पूरे विंध्याचल धाम की अलौकिक छटा देखते ही बन रही है। मुख्य सड़कों, गलियों, गंगा घाटों और पहाड़ पर मां अष्टभुजा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विंध्याचल मंदिर परिसर में श्री विंध्य पंडा समाज की तरफ से निर्धारित परिधान व परिचय पत्र के साथ पुरोहित अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। मेला क्षेत्र सफाई को लेकर अब नगर पालिका प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। विंध्याचल मंदिर परिसर के साथ ही घाटों व गलियों में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी लगाए गए हैं। नवरात्र के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन व पुलिस की तरफ से काफी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। उधर, मध्यरात्रि के बाद से ही विंध्याचल में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। विंध्य धाम की गलियों में कतार में लगे भक्त मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर की तरफ बढ़ रहे थे। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार पहले दिन देर रात तक तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।