विंध्याचल। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा में स्नान के बाद कतारबद्ध हो मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए। गुड़हल, कमल, गुलाब पुष्पों से देवी के किए गए दिव्य व भव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर रहे। श्री विंध्य पंडा समाज के मंत्री भानू पाठक ने बताया कि देर रात तक साढ़े चार लाख लोगों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।
शारदीय नवरात्र के चौथे दिन आदिशक्ति के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भोर में मंगला आरती से पहले ही श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लाइन में लग गए। रविवार को श्रद्धालुओं ने माता के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा देवी के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। मंदिर परिसर घंटों के बीच जयकारे से गुंजायमान रहा। लोगों ने दर्शन-पूजन के बाद हवन कुंड में आहुति डालकर सुख समृद्धि की कामना की। विंध्याचल क्षेत्र में जगह-जगह हवन पूजन और अनुष्ठान का दौर अनवरत चलता रहा। उधर, विंध्याचल के साथ ही अष्टभुजा पहाड़ पर अष्टभुजी देवी एवं माता तारा देवी के साथ ही कई अन्य देवियों की भी रंग-बिरंगे झालरों तथा फूल-पत्तियों से की गई भव्य सजावट देखते ही बन रही है। उधर, विंध्याचल मंदिर में व्यवस्था के लिए रविवार को सुबह से ही एसडीएम गुलाब चंद्र वहां डटे रहे। उनके साथ एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह, सीओ सिटी, सीओ सदर व अन्य सेक्टर मजिस्ट्रेट भी वहां निगरानी करते रहे। श्री विंध्य पंडा समाज के मंत्री भानु पाठक ने बताया कि शारदीय नवरात्र के दौरान रविवार का अवकाश होने की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। साढ़े चार लाख लोगों ने विंध्यवासिनी के दर्शन किए।