जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत करना युवक को महंगा पड़ गया। आरोप है कि बंद कमरे में शिकायत करने वाले युवक के साथ वन कर्मियों ने मारपीट की। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सुबह मड़िहान वन रेंज कार्यालय का घेराव किया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए क्षेत्रीय वनाधिकारी को बंधक बनाने का प्रयास किया। कर्मचारियों के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर निकले।
ग्रामीणों की मांग थी कि युवक के साथ मारपीट करने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय, अन्यथा तहसील का घेराव किया जाएगा। राजापुर ढेकवाह गांव में वन विभाग की कई हेक्टेयर जमीन है। विभाग की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। अटारी गांव निवासी रामबिलास ने दो दिन पूर्व जंगल में हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की शिकायत की थी। वनों की कटाई की पोल खुलने से वन विभाग के कर्मचारियों की किरकिरी होने लगी।
आरोप है कि एक अधिकारी के इशारे पर वन कर्मी युवक को पकड़कर कार्यालय ले आये और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की। दबाव के चलते बुधवार को देर रात युवक को छोड़ दिया गया। मारपीट की जानकारी ग्रामीणों को मिली तो वे आक्रोशित हो गए। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को काफी संख्या में ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंज कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा देख क्षेत्रीय वनाधिकारी पिछले दरवाजे से जंगल की तरफ निकल गए। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सूर्यभूषण द्विवेदी का कहना है कि मारपीट का आरोप गलत है। जांच के लिए दोनों पक्ष को बुलाया गया था।
घेराव करने वालों में सुभाष, राजनाथ, मंजू, उर्मिला, बरसाती, मुनिया, सुशीला, कलावती, चिंता, सुमन आदि शामिल थे।