बड़ी संख्या में ग्राम सचिवालय किराए के भवनों में चल रहे हैं। कहीं कोटे की दुकान में तो कहीं स्कूल अथवा इसी प्रकार के अन्य भवनों में संचालित हैं।
जिले में 809 ग्राम पंचायतें हैं। सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय होना जरूरी है। इसी स्थान से ग्राम पंचायत के सारे प्रशासनिक कार्य होते हैं। इस बीच अभी भी जिले में दो सौ से अधिक ग्राम सचिवालयों के पास खुद का भवन नहीं है। वे किराए के भवन अथवा कोटे के दुकानों व अन्य स्थानों पर संचालित हैं। लालगंज विकास खंड के 53 ग्राम सभाओं में से पांच में ग्राम सचिवालय भवनों का निर्माण नहीं किया गया है। इसके चलते पांचों गांवों के ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए विकास खंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लापरवाही के कारण ग्राम सचिवालय भवन का निर्माण नहीं किया जा रहा है। विकासखंड के रजई, नेवढ़िया, उसरी खमरिया, राजापुर गांव में सचिवालय भवन नहीं बनाए गए हैं। एडीओ पंचायत धनंजय कुमार का कहना है कि विकासखंड के 53 ग्राम सभाओं में से केवल पांच गांवों में सचिवालय भवन का निर्माण नहीं किया गया है। उधर, छानबे विकास खंड के 97 ग्राम पंचायतों में से अब भी आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन नहीं है। ऐसे में स्कूल अथवा किराये के कमरे कार्य हो रहे हैं। ग्राम पंचायत नदिनी, बबुरा, बिहसडा कला सहित कई गांवों में यह स्थिति है। सीखड़ विकास खंड में कुल 28 ग्राम सचिवालयों का निर्माण किया गया है। जिनमें आराजी लाइन सुल्तानपुर, अदलपुरा, पचराव, मवैया, गोरैया, धनैता व रामगढ़ कला में अभी ग्राम सचिवालय का निर्माण नहीं कराया गया है। यहां किराए के भवनों में ग्राम सचिवालय का संचालन किया जा रहा है। विकास खंड के 79 ग्राम पंचायतों में से अभी तक 64 में पंचायत भवन बन पाए हैं। अन्य 15 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं होने के कारण कुछ तो ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानों तथा कुछ ग्राम पंचायतों में किराए के भवन में जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। ज्ञात हो, विकास खंड के ग्राम पंचायत बंजारी में कोटे की दुकान में जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। सिकटा ग्राम पंचायत में साधन सहकारी समिति तथा ऊटी ग्राम पंचायत में किराए के मकान पर डाटा ऑपरेटर विकास कार्यों से संबंधित कागजी कार्य कर रहे हैं। ग्राम पंचायत तिलावनंबर 4 पंचायत भवन में पुलिस चौकी होने के कारण नया पंचायत भवन निर्माणाधीन है। निर्माणाधीन पंचायत भवन होने के कारण ग्राम प्रधान के घर से जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। सहायक विकास अधिकारी पंचायत अरुण कुमार मिश्र का कहना है कि उनके पास सभी ग्राम सचिवालयों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन बनवाए जा रहे हैं। कहीं निर्माणाधीन हैं तो कहीं कतिपय कारणों से निर्माण में विलंब हो रहा है। शीघ्र ही सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय कार्य करने लगेंगे।