मिर्जापुर। अब यूपी बोर्ड की भी 12 वीं की परीक्षा रद कर दी गई। कोरोना का कहर परीक्षार्थियों पर भी गिरा। हालांकि इस निर्णय का लोगों को बेसब्री का इंतजार था। हाईस्कूल की परीक्षा तो पहले ही रद कर दी गई थी। कई तो प्रसन्न रहे लेकिन मेधावी परीक्षार्थी इस खबर से नाराज हो गए। बृहस्पतिवार को जब यह खबर सुनाई दी तो उनके चेहरे लटक गए। शिक्षक व अभिभावकों ने भी इस पर मायूसी जतायी है। जिले में इस बार यूपी बोर्ड की 12 वीं की परीक्षा में 27 हजार नौ सौ 28 छात्र- छात्राएं प्रतिभाग करने वाले थे। इसमें बालकों की संख्या 14 हजार पांच सौ तथा बालिकाओं की संख्या 13 हजार चार सौ 28 है। परीक्षा के लिए तैयारियां पूरी थी। आनलाइन कक्षाओं के कारण परीक्षार्थी अपना पाठ्यक्रम पूरा कर चुके थे और परीक्षा की तैयारियां कर रहे थे। इसके बाद जब यह खबर आई तो मायूसी स्वाभाविक थी। शिक्षकों का कहना रहा कि परीक्षा न होने से बच्चों का मनोबल टूटता है। हालांकि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है लेकिन यदि परीक्षा हो जाती तो बच्चों को अपनी स्वाभाविक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता और जब मेहनत का फल मिलता तो स्वाभाविक प्रसन्नता होती ही है। अभिभावकों का कहना है कि इस समय तो कोरोना की गति काफी कम हो गई है। पूरे प्रदेश में संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। थोड़ा और इंतजार करने के बाद परीक्षा का आयोजन कराया जा सकता है। लेकिन यदि सरकार सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा नहीं कराना चाहती है तो उनका निर्णय उचित ही होगा। सरकार का निर्णय विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही होता है। इसलिए उसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए।