जिगना थाना क्षेत्र के एक गांव में भांजी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मामा की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी प्रथम वायु नंदन मिश्र ने निरस्त कर दी। 13 जून 2021 को महिला ने जिगना थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 10 जनवरी को उसकी पुत्री मामा के घर गई थी। वहां पर उसके मामा ने पुत्री के खजुली की दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। जब उसे घर से भागना चाहा तो मामा और उसकी पत्नी ने कूलर के पाइप से मारा और धमकी दी। इसके बाद पांच दिनों तक दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी मामा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी मामा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका दाखिल की। आरोपी के अधिवक्ता ने देर से मुकदमा दर्ज कराने और अन्य दलील पेश कर जमानत दिए जाने की मांग की। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने बताया कि आरोपी पीड़ित का मामा है। इसलिए अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत निरस्त की जाए। अधिवक्ता की दलील के बाद अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी प्रथम वायु नंदन मिश्र ने जमानत याचिका निरस्त कर दी।