मिर्जापुर। प्राथमिक विद्यालय के दो अध्यापकों नींव की खोदाई में मिली सोने की गिन्नी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले पांच ठगों को सोमवार को विंध्याचल पुलिस ने महुवारी कला मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 75 हजार रुपये नकद और आठ पीली धातु की गिन्नियों के अलावा मोबाइल फोन और बोलेरो वाहन बरामद किया गया है।
यह जानकारी एएसपी सिटी नितेश सिंह ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि चुनार थाना क्षेत्र के कैलहट निवासी चंद्रशेखर सिंह ने दो फरवरी को तहरीर देकर बताया कि उनके मोबाइल पर फोन कर अज्ञात व्यक्ति ने नींव की खोदाई में मिली सोने की गिन्नी बताकर तीन लाख 10 हजार रुपये ले लिया। सोने की गिन्नी नकली थी। इसी तरह तीन फरवरी को चुनार के नियामतपुर खुर्द गांव निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि उनसे दो लाख 16 हजार की धोखाधड़ी हुई है। दोनों प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। दोनों अध्यापकों को विंध्याचल क्षेत्र में बुलाकर ठगी की गई थी। दोनों ने विंध्याचल थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी। इस बीच विंंध्याचल थानाध्यक्ष दयाशंकर ओझा ने मुखबिर की सूचना पर महुवारी कला मोड़ के पास से सोमवार को शाम को सोने की गिन्नी बताकर नकली सोना देने वाले गिरोह के पांच सदस्यों संजय लाल बिंद निवासी दादर कला विंध्याचल, सुनील कुमार पाल निवासी दादर कला, विलेंदर कुमार बिंद निवासी विसहिजन खुर्द थाना मेजा प्रयागराज, गौतम कुमार निवासी मुराजपुर थाना जिगना, भगवान दास निवासी बलीपुर विजयपुर थाना विंध्याचल को बोलेरो वाहन से गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से 75 हजार नकद, आठ पीली धातु की गिन्नियां, एक की पैड मोबाइल, बोलेरो वाहन, पाॅलिथीन में भूरे रंग की सूखी मिट्टी आदि बरामद हुए। आरोपियों से पूछताछ की गई। आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है। जो धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देते हैं। वे कूटरचित पहचान संबंधी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर अजनबी लोगों को फोन कर बताते हैं कि घर की नींव की खोदाई में सोने की गिन्नी मिली है। धोखे से नकली सोने की गिन्नियों को असली बताकर बेचते हैं। बिक्री से प्राप्त धनराशि आपस में बांट लेते हैं। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया आरोपी भगवानदास हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ चील्ह और शहर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट आदि धाराओं में चार मुकदमें दर्ज है। धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के पांच सदस्य तो पकड़े गए हैं, परंतु मास्टरमाइंड फरार है। विंध्याचल थानाध्यक्ष दयाशंकर ओझा ने बताया कि धोखाधड़ी करने के वाले गिरोह का मास्टर माइंड और उसका एक साथी फरार है। उसे पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। जल्दी ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा।