मिर्जापुर। कैशवैन के गार्ड की हत्या कर 35 लाख लूटने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिए मुख्य रूप से जोन के 10 जिलों की पुलिस और एसटीएफ लगी है, पर अब तक बदमाश गिरफ्त में नहीं आ सके हैं।
बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई स्तर पर पुलिस कार्य कर रही है। जहां घटना स्थल के आसपास मुहल्लों की गलियों में पुलिस की तफ्तीश चल रही है। वहीं जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर सहित बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश में भी टीमों ने डेरा डाला है। पूर्व की बैंक लूट व डकैती से जुड़ी घटनाओं को खंगालने के साथ ही जेल में बंद आरोपियों से भी पुलिस राज उगलवाने में लगी है। स्थानीय स्तर पर बदमाशों की मदद करने वाले लोगों से की तलाश की जा रही है। कटरा कोतवाली क्षेत्र के बेलतर के पास मंगलवार की दोपहर पौने एक बजे के करीब बाइक सवार चार बदमाश एक्सिस बैंक के बाहर खड़ी कैश वैन के गार्ड और दो कैशियर को गोली मारकर 35 लाख रुपये लूट ले गए थे। रास्ते में आए राहरीर को भी गोली मार दी। गोली लगने से गार्ड जय सिंह की मौत हो गई थी। घटना के बाद से एडीजी जोन वाराणसी रामकुमार जिले में रुक कर घटना के खुलासे पर नजर रखे हुए हैं। वर्कआउट में तमाम टीमें लगी हैं। अब तक पुलिस एक फोटो ही हासिल कर सकी है। उसी के बल पर अपराधी को पकड़ने में लगी है। पुलिस अधिकारी घटना में कुछ बताने से बच रहे हैं। उधर, आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने घटना को अंजाम देने से पहले रेकी जरूर की होगी। पुलिस की टीम ने जब आसपास के सीसी टीवी फुटेज को खंगाला तो घटना से एक दिन पहले का एक सीसी टीवी फुटेज भी मिला। इसमें सुबह के साढ़े 10 बजे के करीब अपाचे सवार दोनों बदमाश दिखाई दिए। दोनों बदमाश उसी स्थान पर बाइक खड़ी करते हैं और फिर बैंक के पास वैन के आने का इंतजार करते हैं। उसकी रेकी करते हैं कि कैसे कैश वैन से बाक्स को निकाला जा रहा है। सुरक्षा गार्ड की क्या पोजिशन है। इसी के चलते अगले दिन मंगलवार को बड़े ही आसानी से भीड़ वाले इलाके में गोली मारकर कैश लूट कर फरार हो गए।
उधर, कैश वैन से लूट मामले में पुलिस पहले दिन से लूट के रुपये के बारे में जानकारी नहीं दे रही है। कैश वैन के कैशियर पवन यादव ने तो बताया कि 35 लाख रुपये कैश थे। पुलिस ने पवन यादव की तहरीर पर चारों अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आकलन करने के बाद धनराशि का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। इस बीच सीसीटीवी फुटेज से एक बदमाश की फोटो पुलिस को मिली है। उस आधार पर पुलिस उसकी छानबीन में जुटी है। फोटो के जरिये पुलिस को कुछ सुराग हासिल हुए हैं। पुलिस विभाग में सीसीटीएनएस (क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) वेबसाइट होता है। इस पर अपराधियों का ब्योरा रहता है। इस पर मुकदमा दर्ज हुए और जेल जाने वाले अपराधियों का डाटा रहता है। जो फोटो मिली है, उसकी सीसीटीएनएस के जरीए छानबीन की। माना जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त कर ली है। उसे पकड़ने या उसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस टीमें जौनपुर और प्रयागराज जिले में गई हैं।