मिर्जापुर। विंध्याचल थाना क्षेत्र में सात साल पहले नाबालिग को बहलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोषसिद्ध होने पर दो दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विंध्याचल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने एक नवंबर 2017 को तहरीर देकर उसकी नाबालिग पुत्री को बहलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पुलिस आरोपियों पर दुष्कर्म, पाॅक्सो और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई। पुलिस ने आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक सनातन कुमार ने गवाहों के बयान और साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने गवाहाें के बयान, अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दो दोषियों पंकज यादव निवासी विंध्याचल और विनय कुमार गुप्ता निवासी दुल्लहपुर थाना दुल्लहपुर जनपद गाजीपुर को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पंकज को 11 हजार और विनय को 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को प्रदान करने का आदेश दिया। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।