मिर्जापुर। जमालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में चार साल पहले नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दो दोषियों को 15-15 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
जमालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक पिता ने 11 अगस्त 2020 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री अपनी चचेरी बहन के साथ रात करीब आठ बजे शौच के लिए खेत की तरफ गई थी। आरोप लगाया कि वहां घात लगाकर बैठे दो युवकों ने नाबालिग को उठाकर पास के अस्पताल की बाउंड्री के अंदर ले जाकर दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद परिवार के लोगों को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। नाबालिग के पेट में दर्द होने पर पूछताछ की गई तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने मेडिकल कराकर मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने इस मामले में दोषी सोनू बियार तथा दिनेश को 15-15 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर सात माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया।