मिर्जापुर। मौसम यदि अनुकूल रहा तो इस वर्ष जिले में भरपूर देशी आम प्राप्त होगी। अधिकांश क्षेत्रों में आम से लदे पेड़ नजर आ रहे हैं। इससे किसानों में भी अच्छी आय की उम्मीद जगी हुई है। बतातें चलें कि पिछले कई वर्षो से शहर की बात कौन करे ग्रामीणांचल में लोग देशी आम के लिए तरस रहे थे। मौसम का प्रकोप तो कहीं अन्य कारणों से सीजन के दौरान देशी आम के दर्शन नहीं हो रहे थे। कुछ पेड़ो में यदि आम नजर भी आ रहे थे तो अचार व खटाई बनाने तक सिमट जा रहे थे। बागवानी पर नजर डालें तो सिटी, छानबे, पहाड़ी, कोन, मझवां, सीखड़, जमालपुर, नरायनपुर समेत अन्य विकास खंड को मिलाकर जिले में कुल 145 हेक्टेयर क्षेत्रफल में छोटे-बड़े आम के बगीचे मौजूद हैं। एक वर्ष के अंतराल में आम के फल वृक्षों में लगते हैं। सीजन के दौरान इधर बीते कुछ वर्षो से आंधी-तुफान व ओलावृष्टि के चलते ऐसे आम के फलों पर ग्रहण लग जाते रहे। उद्यान विभाग की मानें तो सितंबर में फल की तुड़ाई के बाद वृक्षो के पास थाल बनाकर पेड़ की आयु के अनुसार सड़ा गोबर खाद, डीएपी व यूरिया के प्रयोग करें। इससे फसल की अच्छी पैदावार होती है।