घटना के बाद आरोपी बिखड़ू व राजकुमार मौके से फरार हो गए। सूचना पर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ओपी सिंह, क्षेत्राधिकारी चुनार उमाशंकर सिंह ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मुंशी राम के बड़े भाई तुलसी ने थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि मुंशी राम का पुत्र दुकान पर सामान लेने गया था। वहां पर दुकानदार को पैसा दिया। दूरी के कारण वहां मौजूद आरोपी के पुत्र ने पैसा उठाकर दुकानदार को दे दिया। इसी बात को लेकर दोनों बच्चों में विवाद हुआ था। बाद में विवाद बढ़ गया।
मुंशी राम के भाई की तहरीर पर दो आरोपियोें बिखड़ू व राजकुमार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एएसपी नक्सल ओपी सिंह का कहना है कि बच्चों के विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पर डंडे से प्रहार कर दिया। जिसमें घायल की मौत हो गई। दो आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
मुंशी राम ट्रैक्टर चलाकर पांच बच्चो का भरण पोषण करते थे। उनकी पत्नी का निधन एक वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हो गया था। तभी से मुंशी राम की जिम्मेदारी बढ़ गई थी। मुंशी राम से पांच बच्चे आंचल (14), शंकर (7), चंचल (6), सागर (5), शम्भू (4) हैं।