मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार के एनआईसी में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिलाधिकारी से संवाद कर दैनिक जीविकोपार्जन करने वालों को एक हजार रुपये की धनराशि प्रतिमाह दिये जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमन्दों को तत्काल राहत पहुॅचाने के लिये सभी कार्डधारकों को तीन माह का राशन निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहणी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, पंजीकृत श्रमिकों के अतिरिक्त अन्य श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि रोज कमाकर खाने वाले को प्रति परिवार एक हजार रूपये की धनराशि प्रतिमाह भरण पोषण भत्ता प्रदान किया जाएगा। नगरीय क्षेत्र में संबंधित अधिशाषी अधिकारी व ग्रामीण क्षेत्र मे जिला पंचायत राज अधिकारी उपरोक्त कामगारों को यह सुविधा देंगे। साथ ही संबंधित उप जिलाधिकारी प्रवासी श्रमिकों/कामगारों मजदूरों के साथ ही साथ नाविकों का चिन्हीकरण, डाटा संकलन एवं संकलित डाटा राहत आयुक्त की बेबसाइट पर फीड कराते हुये यह धनराशि डीबीटी के माध्यम से अन्तरित करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर शासन द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रवासी श्रमिकों की श्रेणी एवं डाटा फीडिंग, सरकारी कम्युनिटी किचन का संचालन एवं फूड पैकेट का वितरण तथा आवंटित बजट के सापेक्ष व्यय की प्रगति समीक्षा भी की गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रह जाये। इसी भावना को साकार करने के लिये दैनिक जीविकोपार्जिनो को भरण पोषण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, उप जिलाधिकारी सदर गौरव श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी राज कुमार गुप्ता, अधिशाषी अधिकारी ओम प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविन्द कुमार उपस्थित रहें।