मिर्जापुर। कोहरे और ठंड के बीच जिले के पर्यटन स्थलों पर नए साल के जश्न की तैयारियां जोरों पर हैं। कल-कल करते झरने, पहाड़ और जंगल लोगों को अपनी ओर बरबस खींच लेते हैं। हमेशा गुलजार रहने वाले जिले के पर्यटन स्थलों पर साल के पहले दिन खूब भीड़ उमड़ती है। पर्यटक विंध्य मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के साथ लोग इन स्थलों पर पिकनिक मनाते हैं। नगर से चंद किलोमीटर दूर विंढमफल, टांडाफाल सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटन स्थलों पर हल्की धूप से निखरी नजर आने वाली आभा सैलानियों को खूब भाती है। अहरौरा, प्राकृतिक सौंदर्य से सुशोभित धरा के आंचल में बसे लखनिया दरी जल प्रपात की सुंदरता किसी परिचय की मोहताज नहीं है। अपितु झीलो झरनों की अद्भुत विरासत को संजोकर कल कल करती झरनों की आवाज से अविरल मधुरिम स्वर गुनगुनाती रहा करती है। नव दंपति तथा युगल जोड़े सहित पर्यटकों को लुभाने वाले इस प्राकृतिक सौंदर्य के भलदरिया, सुखदरिया जलप्रपात, तथा जरगो जलाशय पर भी पर्यटक मधुरिम संगीत पर थिरकते नजर आएंगे। क्षेत्र का लखनिया दरी, चूना दरी, सुख दरिया और भल दरिया जल प्रपात तथा जरगो डैम काफी रमणीक पर्यटन स्थल है। इन जल प्रपातों पर कल-कल करते झरने, मंदमाती बयार और वन्य जीवों की मौजूदगी यहां का मौसम काफी खुशनुमा बना देती है। नव वर्ष को इन जल प्रपातों पर पिकनिक मनाने के लिए दूरदराज से सैलानी उमड़ पड़ते हैं। इन पर्यटन स्थलों तथा जल प्रपातो पर वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली, व मिर्जापुर सहित पूरे पूर्वांचल से सैलानी पिकनिक मनाने के लिए आते हैं।