सावन मास बीत गए अभी तक बंधी और बंधे तक नहीं भरे हैं। बंधों में क्षमता से काफी कम पानी है। गिने चुने दिनों के लिए पानी होने से नहरों का संचालन तक नहीं हो पा रहा है। बारिश न हुई तो नहरों के सहारे गेहूं की बोआई कैसे होगी इसकी चिंता किसानों को सताए जा रही है।
मिर्जापुर व सोनभद्र दोनों जनपदों को मिलाकर कुल एक दर्जन बंधे हैं। जिसमें क्षमता से काफी पानी मौजूद हैं। बंधो में उपलब्ध पानी पर गौर करें तो 3000 घन मीटर क्षमता वाले अपर खजुरी बांध में 158 मीटर पानी है। जिससे केवल दिनों तक सिंचाई की जा सकती है। 47997 घन मीटर क्षमता वाले सिरसी बांध में 211.35 मीटर पानी है जिससे चौदह दिनों के लिए सिंचाई की जा सकती है।
इसी तरह 34356 घन मीटर क्षमता वाले अदवा बांध में 189.35 व 5235 घन मीटर क्षमता वाले सुखरा बांध में 181.81 घन मीटर पानी जो 47 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इस समय दोनों बांध से जुड़े नहरों का संचालन जारी है। 1019 घन मीटर क्षमता वाले घोरी बांध में 184.58 मीटर पानी मौजूद है। जिससे केवल चार दिन के लिए सिंचाई की जा सकती है।
35488 घन मीटर क्षमता वाले मेजा डैम में 160.55 मीटर पानी है जो केवल आठ दिन के लिए। 4868 घन मीटर क्षमता वाले ढेकवा बांध में 130.75 मीटर 42 दिन के लिए पानी मौजूद है। 5122 घन मीटर क्षमता वाले डोगिया जलाशय में 162.19 मीटर पानी बचा हुआ है। 7952 घन मीटर क्षमता वाले अहरौरा जलाशय में 100.00 मीटर पानी उपलब्ध है।
उक्त दोनों जलाशय को मिलाकर महज सात दिन के लिए नहरों में पानी छोड़ा जा सकता है। इसी तरह 23489 घन मीटर क्षमता वाले जरगो जलाशय में वर्तमान जलस्तर 90.27 मीटर है जिससे 24 दिनों के लिए सिंचाई की जा सकती है। सोनभद्र के नगवा 17 दिन व धनरौल में केवल नौ दिनों के लिए पानी अवशेष बचा हुआ है।
पानी के अभाव में पटिहटा पंप कैनाल का संचालन ठप
पानी के अभाव में बरसात के मौसम में पटिहटा पंप का संचालन नहीं किया जा सका। जबकि किसान दिवस में जिलाधिकारी की ओर से संबंधित अधिकरियों को प्रत्येक हाल में पंप का संचालन शुरु किए जाने का निर्देश दिया गया था।
जिले में कुल 27 पंप कैनाल हैं। जिसमें पटिहटा पंप कैनाल का संचालन पूरी तरह बंद है। लोवर खजुरी बांध में सीपेज के चलते थोड़ा बहुत पानी खजुरी नदी में आ रहा है। खजुरी नदी में ककराही, दुल्हपुर व दुबेपुर में लघुडाल पंप कैनाल स्थापित किया गया है। 24 घंटे में नदी में सीपेज के सहारे आ रहे पानी से मात्र दो, चार घंटे के लिए लघुडाल पंप कैनाल का संचालन किया जा रहा है।
लघुडाल नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता दिलीप सोनकर ने बताया पटिहटा में पंप जमीन में धंसी हुई है। क्रेन के सहारे उसे खींचकर गहरे पानी में लाने का प्रयास किया गया। लेकिन जमीन में धंसे होने के कारण मेहनत विफल हो गया। अधिशासी अभियंता ने बताया पानी का सतह बढ़ने पर ही पंप का संचालन संभव है।