फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: जो गुनहगार है वो बेगुनाह बनते हैं, क्यों न उन्हें भी आईना दिखाया जाए

विज्ञापन
विज्ञापन
शेरवां। रामसागर धाम स्थित हनुमान मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को देर रात नौ बजे से शुरु कजरी मेले का समापन शुक्रवार को सुबह पांच बजे हुआ। मेले में श्रोता रात भर मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली के कजरी गायकों की कजरी पर झूमते रहे। मेले का शुभारंभ कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पहली प्रस्तुति कवि पट्टर गुरु ने दी। उनकी कजरी के बोल थे जो गुनहगार है वो बेगुनाह बनते हैं, क्यों न उन्हें भी आईना दिखाया जाए। इसके बाद रोजन अली ने कजरी सुनाई। उनके बोल थे जान के भी अनजानी लगती है बात कजरी की बड़ी बेगानी लगती है। पवन सिंह की कजरी के बोल थे रोज-रोज बहिन-बेटी मारल-काटल जात है। अवधेश सिंह दास की कजरी के बोल थे अबकी तनीक ना बरसल आषाढ़ मितवा, सुखल झरना तालाब मितवा। इसके बाद पूनम श्रीवास्तव की कजरी पर श्रोता मगन हो गए। उनकी कजरी के बोल थे पिया मेहंदी मंगाय द मोतीझील से ना। मिर्जापुर कईला गुलजार कचौड़ी गली सून कईला बलमू। इसके पहले कवयित्री अमर ज्योति ने सवनवा में ना जा कजरी खेले ननदी घेर आई काली बदरी ननदी कजरी सुनाकर वाहवाही बटोरी। इस दौरान रामजन्म भारती, शैलेश, कोमल, धनंजय सिंह, राजाराम सिंह ने कजरी की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रकाश मिर्जापुरी, डाॅक्टर निरंजन श्रीवास्तव, राकेश, आलोक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें