मिर्जापुर। प्रचंड गर्मी शुरू होने के बावजूद अब तक रोडवेज का कायाकल्प नहीं हो सका है। रोडवेज परिसर में अब भी यात्रियों के बैठने के लिए न तो टिन शेड व छांव आदि की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पेड़ों की छांव और दीवारों की आड़ में बस का इंतजार करते हैं। मंडल मुख्यालय होने के बाद भी मिर्जापुर रोडवेज परिसर का कायाकल्प नहीं हो सका है। रोडवेज में पहले बसों को खड़ी करने के लिए एक शेड होता था। पिछले चार-पांच वर्ष से वह भी नहीं है। दो साल से रोडवेज का कायाकल्प करने की योजना बनाई जा रही है, परंतु योजना को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। एआरएम की ओर से भूमि की पैमाइश कराकर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है, परंतु अब तक रोडवेज का कायाकल्प करने के लिए प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
इस बीच अप्रैल में प्रचंड गर्मी शुरू हो गई है। इसके लिए रोडवेज की बस के इंतजार में यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज परिसर में पीने के पानी की भी व्यवस्था है, परंतु पूछताछ केंद्र के पास जो नल लगा है, उसमें एक टोटी खराब है। अंदर की तरफ एक वाटर कूलर है, जो खराब है। इस कारण लोगों को गर्मी में पीने के लिए ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज के एआरएम हरिशंकर पांडेय का कहना है कि रोडवेज परिसर में शेड के लिए आरएम को पत्र लिखा गया है। पीने के पानी के लिए वाटर कूलर लगा है। उसका मोटर खराब है। उसकी मरम्मत कराई जा रही है। दो दिन में वह ठीक हो जाएगा।