हलिया थाना क्षेत्र के गड़बड़ा धाम में अपनी मां के साथ दर्शन करने के लिए आए युवक ने शनिवार को मंदिर की सीढ़ियों के पास ब्लेड से अपना गला काट लिया। मंदिर में दर्शन कर रही मां सूचना पाकर मौके पर पहुंचीं। इसके बाद युवक को उपचार के लिए पीएचसी ले जाया गया। जहां से रेफर किए जाने के बाद मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हलिया थाना क्षेत्र के भैसोड़ निवासी केशरी देवी पिछले 20 वर्षों से लालगंज थाना क्षेत्र के नदनी गांव में अपने पुत्र मनोज कुमार (23) के साथ रहती हैं। मनोज इंदिरा गांधी राजकीय डिग्री कॉलेज में बीए फाइनल का छात्र थे। वह किराना, सब्जी और चाय की दुकान भी खोले हुए था। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। मां के कहने पर वह शनिवार को सुबह बाइक से गड़बड़ा धाम दर्शन करने के लिए गया। उसने मां के साथ दर्शन किया। मंदिर की परिक्रमा की।
इसके बाद मां से सिगरेट पीने के लिए पैसा मांगा। मां पूजा करने में व्यस्त थीं। इस दौरान उसने सीढ़ी के पास ब्लेड से गला काट लिया। उसने ब्लेड से गले में तीन-चार वार किया और लहूलुहान होकर गिर गया। वहां मौजूद किसी ने मां को बताया कि उनका पुत्र खून की उल्टी कर रहा है। दौड़ते हुए मां उसके पास पहुंचीं तो वह लहूलुहान पड़ा था। उसके पास ब्लेड पड़ा था। इसके बाद 108 एंबुलेंस बुलाकर उसे उपचार के लिए पीएचसी ले जाया गया। वहां से डॉक्टर ने उसे मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।
मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां केशरी देवी ने बताया कि 20 दिनों से मनोज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसके स्वास्थ्य में सुधार की कामना के लिए गड़बड़ा धाम में दर्शन करने आई थीं। सूचना मिलने पर पहुंची हलिया पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एएसपी नक्सल महेश सिंह अत्रि का कहना है कि केशरी देवी ने तहरीर देकर बताया है कि वे पुत्र मनोज के साथ गड़बड़ा धाम दर्शन करने गई थीं। वहां पुत्र ने मंदिर के सामने अपने पास रखे ब्लेड से अपना गले पर वार किया। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। एक वीडियो मिला है। उसमें भी दिख रहा है कि वह स्वयं गले पर चोट पहुंचा रहा है।