ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव में मंगलवार को सुबह एक युवक ने मकान के दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में गर्डर पर लगे फंदे में लटककर जान दे दी। उसे कमरे में न पाकर खोजते हुए ऊपर कमरे में गई पत्नी ने फंदे में लटकते देख शोर मचाया। शोर सुनकर आए परिजन दरवाजा तोड़कर उसे पास के निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र केसरी (35) पुत्र ओम प्रकाश केसरी दो वर्ष पहले चाय की दुकान खोले थे। इस समय वे बेरोजगार थे। परिवार के लोगों के सहयोग से अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। मंगलवार को सुबह उन्होंने मकान के दूसरे मंजिल के कमरे में जाकर गर्डर पर लगे लोहे के चुल्ले में लगे फंदे में लटकर जान दे दी।
सुबह सोकर उठी पत्नी कमरे में न पाकर खोजते हुए ऊपर गई तो कमरे का दरवाजा बंद था, कमरे में जाली लगी थी। जाली से अंदर देखा तो धर्मेंद्र फंदे में लटक रहे थे। पत्नी ने शोर मचाया। जिसके बाद परिजन इकट्ठा हो गए। परिजन दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकालने के बाद पास के निजी अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
धर्मेंद्र से पांच वर्ष की पुत्री और दो वर्ष का पुत्र है। धर्मेंद्र केसरी के पिता ओमप्रकाश ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र मानसिक रूप से परेशान रहता था। इसी वजह से उसने मंगलवार को सुबह अपने गले में दुपट्टा के सहारे फंदे में लटककर जान दे दी।
धमेंद्र की पत्नी और उनके दोनों बच्चों सहित अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अतुल कुमार पटेल ने बताया कि धमेंद्र के पिता से मिली तहरीर के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।