मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के करनपुर मिलिट्री कंपाउंड के पास 22 दिन पूर्व स्टांप व्रिकेता को गोली मारकर लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा किया। स्टांप वेंडर ने जमीनी विवाद में विपक्षियों को फंसाने के लिए साजिश रची थी। शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के कोलकम कला गांव निवासी लालबाबू बिंद (40) की तहसील में 10 वर्ष पुरानी स्टांप की दुकान है। 12 जनवरी की भोर में चार बजे पौने चार लाख रुपये लेकर स्टांप लेने के लिए वह मिर्जापुर आ रहा था कि करनपुर घाटी में मिलिट्री कंपाउंड के सामने फोरलेन मार्ग पर गोली मारकर लूट की घटना हुई। आला अधिकारियों को छानबीन में मामला संदिग्ध लगा। पुलिस को मौके से ही तमंचा मिला। स्टांप की जांच में भी पता चला कि घर पर 90 हजार कैश और पौने दो लाख का स्टांप है। घायल लाल बाबू दो फरवरी को घर पहुंचा। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो कई तथ्य सामने रखने के बाद उसने जुर्म स्वीकार किया। एएसपी सिटी ने बताया कि जिन लोगों पर संदेह प्रकट किया गया था। उनसे मुकदमा चल रहा था। लालबाबू जमीन के मामले में जमानत पर छुटा था। तीन मार्च को तारीख थी। पूछताछ में लालबाबू ने बताया कि अपनी जमीन बेचने, परिवार को जेल जाने से बचाने और विपिक्षयों को फर्जी मुकदमें में फंसाने के लिए उसने खुद के पैर में गोली मारकर लूट का नाटक किया। आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है।