मिर्जापुर। जहां एक तरफ शासन का सख्त फरमान है कि प्रत्येक गांव में अभियान चलाकर मृत व्यक्तियों के नाम खतौनी से हटाकर उसके स्थान पर उसके वारिस का नाम दर्ज किया जाए। वहीं सदर तहसील क्षेत्र के देवरी ग्राम पंचायत में पूरे गांव में सैकड़ों नाम ऐसे हैं, जिनका इंतकाल हो चुका है। यही नहीं कुछ खातेदारों के तो दो से तीन पीढ़ियां भी गुजर चुकी हैं। लेकिन आज तक उनका नाम ही खतौनी में चला रहा है।