स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रविवार को झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया गया। जांच के भय से कई झोला छाप क्लीनिक बंद कर भाग खड़े हुए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब मड़िहान कस्बा स्थित एक क्लीनिक में पहुंची तो वहां कोई अभिलेख नहीं दिखाया गया। इसी प्रकार जमुई बाजार में दो झोलाछाप बिना किसी कागज के क्लीनिक संचालित दिखे। कलवारी बाजार में एक झोलाछाप अपने क्लीनिक में दो महिला मरीजों व बच्चों का इलाज कर रहा था। दवा व उपकरण तो वहां मिले, लेकिन वहां अभिलेख नहीं दिखाया गया। इसी प्रकार एक अन्य हॉस्पिटल में जांच के दौरान बेड व ओटी रूम मिला। टीम ने जब अभिलेख मांगा तो झोलाछाप फरार हो गया।
इसी तरह एक अन्य प्राइवेट अस्पताल में भी कोई अभिलेख दिखाया गया। रजौहां चौराहे के पास अवैध क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप शटर बंद कर फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम में चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह चौधरी, उदयभान, रामरक्षा आदि शामिल थे। डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि झोलाछाप के खिलाफ अभियान अधिकारियों के निर्देश पर चलाया जा रहा है।