सिविल लाइन में सजी सब्जी की दुकान। संवाद।
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मिर्जापुर। गंगा में आई बाढ़ के चलते सब्जियां महंगी हो गई हैं। कोंहड़ा, लौकी, नेनुआ और करेला की कीमत दोगुनी तक पहुंच गई हैं। हालत यह है कि परिवार के चार सदस्यों के लिए भी 100 रुपये में सब्जी नहीं आ पा रही है। एक किलो के बजाय एक पाव से ही लोग काम चला रहे हैं। सब्जियों में आलू और प्याज को छोड़ कर शेष सब्जियां महंगी हो गई हैं। गंगा में आई बाढ़ के चलते तटवर्ती क्षेत्रों में सब्जियों की फसल पानी में डूब कर नष्ट हो गई हैं। बाजारों में आवक कम होने के कारण कीमतों में उछाल आ गया है। एक महीने पहले टमाटर के भाव 40 रुपये किलो थे वहीं इसकी कीमत दोगुनी पहुंच गई है। 40 का टमाटर 80 रुपये तक पहुंच गया है। 20 रुपये किलो बिक रहा खीरा इस समय 50 रुपये, 15 से 20 रुपये किलो बिकने वाला कोंहड़ा और लौकी 40 रुपये किलो हो गया है। 25 से 30 रुपये किलोग्राम बिक रहा मिर्चा इस समय 100 रुपये के पार पहुंच गया है। इसी तरह करेला की कीमत 40 से 80, नेनुआ 25 से 50, परवल 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो पहुंच गया है। सब्जी विक्रेता रवि, मनोज सोनकर और दिलीप कुमार ने बताया कि बाढ़ के चलते गंगा की तराई क्षेत्रों में सब्जियां पानी से बर्बाद हो गई हैं। बाहर से सब्जियां आ भी रही हैं तो ट्रांसपोर्ट चार्ज के कारण महंगी बिक रही हैं।
इनसेट
सब्जी- एक माह पहले का दर- वर्तमान दर
आलू- 15 17
प्याज- 20 25
टमाटर- 40 80
कोहड़ा- 15 40
लौकी- 20 40
हरा मिर्चा- 30 100
अदरक- 60 100
करैला- 40 80
परवल- 60 80
भिंडी- 20 40
नेनुआ- 25 50
नोट-घंटाघर सहित अन्य मंडियों में सब्जियां रुपये प्रति किलोग्राम में