ज्वाइंट फोरम आफ आरआरबी यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय राष्ट्र व्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में भरुहना स्थित बैंक के मुख्य शाखा पर बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देने संबंधित बिल वापस लेने, मित्रा कमेटी के रिपोर्ट को वापस लेने तथा नई पेंशन नीति लागू करने संबंधी 11 सूत्री मांगे रखी गईं।
ज्वाइंट फोरम आफ आरआरबी यूनियंस इकाई मिर्जापुर-सोनभद्र के तत्वावधान में शुक्रवार को दूसरे दिन इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक आफिसर्स एसोसिएशन की ओर से बैंक के भरुहना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बैंक की 80 शाखाओं में तालाबंदी कर केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध किया गया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा के दौरान मांग किया गया कि प्रवर्तक बैंक के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा जारी वेतन भत्ते तथा सुविधाओं सहित सभी निर्देश ग्रामीण बैंकों में भी स्वत: प्रभावी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मानव संसाधन व्यवस्था के लिए मित्रा कमेटी की अनुशंसाओं को संस्था ग्रामीण भारत की बैंकिंग के हित में रद्द किया जाए तथा ग्रामीण बैंकों में आउट सोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त किया जाए। बैंक कर्मियों ने मांग किया गया कि ग्रामीण बैंकों में निजी क्षेत्र के प्रवेश संबंधी एक्ट में संशोधन को वापस लिया जाए तथा भुगतान एवं लघु बैंक के रूप में जारी किए जा रहे लाइसेंस वापस लिए जाएं।
बैंकिंग उद्योग के समान ग्रामीण बैंकाें में भी मृतक आश्रित योजना अगस्त 2014 से प्रभावी की जाए तथा 10 वें वेतन समझौते को ट्रिब्यूनल एवार्ड के तय सिद्धांत के तहत संपूर्ण समानता के साथ सभी मद भत्ते/सुविधाएं शीघ्र लागू की जाएं।
इस दौरान आफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री राकेश कुमार श्रीवास्तव व इंप्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री हरिश्चंद्र मिश्र सहित अमरनाथ श्रीवास्तव, एके सिंह, जेपी राय, शंभू दयाल, पहलवान सिंह, राधेश्याम प्रसाद, गौरव, कमल, धनंजय सिंह, मोहन कुमार, आरपी पांडेय, नंदलाल, रामकुमार पांडेय, विनय कुमार, अमरजीत दूबे, अंजनी राय, एएस राय आदि मौजूद रहे।