चौथे दिन शुक्रवार को गंगा की रफ्तार धीमी पड़ गई। इससे तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीण सहित प्रशासन ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे 0.25 सेंमी प्रति चार घंटे में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। गंगा का जलस्तर 73.57 मीटर दर्ज किया गया।
जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर तथा खतरे का निशान 77.724 मीटर है। गंगा में सबसे अधिक पानी वर्ष 1978 में 80.34 मीटर दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में अधिकतम 73.66 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। पिछले वर्ष 2023 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस वर्ष आठ अगस्त 2024 को गंगा का जलस्तर 75.10 मीटर पहुंच गया था। गंगा में पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी होने से प्रशासन सहित तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों ने राहत की सांस ली है।