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हवा हवाई साबित हो रहा वेंडिंग जोन का आदेश

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खंजाची चौराहा से घंटाघर रोड़ पर पटरी में खड़ी वाहन से लगा जाम। - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग जोन बनाने का आदेश अभी तक हवा हवाई साबित हो रहा है। हालांकि इसके लिए कई संस्थाएं लगातार प्रयासरत हैं लेकिन अभी तक इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी है। ऐसे में एक ओर जहां वेंडर्स को परेशानी हो रही है वहीं व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नगर क्षेत्र में घंटाघर, मुकेरी बाजार, स्टेशन रोड, रामबाग, शुक्लहा, भरूहना, पीलीकोठी, संगमोहाल व तेलियागंज आदि मोहल्लों में व्यस्त बाजार हैं। यहां बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स रहते हैं। विशेषकर मुकेरी बाजार व घंटाघर में तो सब्जी विक्रेताओं की बड़ी संख्या है। एक शासनादेश के तहत टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन कर इनके लिए निश्चित क्षेत्र व स्थान का चयन कर इनको वहां पर स्थानांतरित करने की बात कही गई है लेकिन यह निर्देश आज तक पूरा नहीं हो सका। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। नगर में पथ विक्रेताओं को कई बार बल प्रयोग कर हटाया जा चुका है। कई बार उन्होंने प्रदर्शन भी किया। विरोध भी किया लेकिन किसी निर्णय पर न पहुंचने के कारण अब तक इस मामले को नहीं सुलझाया जा सका। पथ विक्रेताओं की एक ही मांग है कि यदि उनको उस स्थान से हटाया जा रहा है तो कम से कम यह जो बताया जाय कि उनको उनकी दुकान के लिए कहां जगह दी जा रही है। उधर, वेंडिंग जोन का निर्धारण न होने से बाजारों में एवं अन्य जगहों पर जाम लग रहा है। नियम के मुताबिक वेंडिंग जोन का चयन कर उनका जीआई टैग लैंडमार्क होना है। वह भी अभी नहीं हो पा रहा है। जगह नियत न होने से ठेला व खोमचा वाले एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करते हैं। जिससे कई बाजारों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। नगर क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 18 स्थान चिह्नित किए गए हैं लेकिन अभी वहां पर अवस्थापना का कार्य नहीं हो सका है। सूत्रों के मुताबिक इन जगहों पर मात्र 12 सौ को ही अवस्थापित किया जा सकता है। प्रथम चरण का जो सर्वे हुआ था उसमें यह कार्य करते हुए दो हजार छह सौ 57 लोग चिन्हित किए गए थे लेकिन पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक ऐसे सात हजार 46 लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। ऐसे में यक्ष प्रश्न यह भी है कि यदि चिन्हित जगहों पर निर्धारित 12 सौ लोगों को व्यवस्था दे भी दी गई तो शेष लोगों का क्या होगा। समस्या तो ज्यों की त्यों बनी रहेगी। बताया जा रहा है कि सर्वे में शामिल लोग नगर के बाहर जाना नहीं चाहते। वह नगर में ही रहकर व्यवसाय करना चाहते हैं। इससे समस्या और भी बढ़ती जा रही है। प्रभारी ईओ अरविंद यादव ने बताया कि वेंडिंग जोन के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। अब वहां पर केवल अवस्थापना का कार्य होना है। उसके बाद भी वहां पर मानक के अनुसार केवल 12 सौ लोगों को ही समायोजित किया जा सकेगा।
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