मिर्जापुर। प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि छोटी-छोटी बचत से बड़ी पूंजी तैयार करना ही सहकारिता का मुख्य उद्देश्य है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सहकारिता को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। कुछ साल पहले तक सहकारी बैंकों की स्थिति दयनीय थी। प्रदेश के 50 सहकारी बैंकों में से विभिन्न जिलों के 16 सहकारी बैंक बंद हो गए थे। सहकारी बैंक होने से जिन किसानों के उसमें पैसे जमा थे, वे परेशान थे। मुख्यमंत्री ने बंद पड़े सभी सहकारी बैंकों क वित्तीय सहायता दिलाकर चालू कराया।
वे मंगलवार को मझवां विधानसभा क्षेत्र के आमघाट देवरी स्थित एक लान में आयोजित सहकारिता प्रकोष्ठ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि बंद पड़े सहकारी बैंकों को वित्तीय सहायता दिलाकर किसानों के जमा धन को वापस कराने के साथ ही लेनदेन की प्रक्रिया शुरू कराई गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सहकारी समितियों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शत प्रतिशत बैंकों को कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिर्जापुर जिले में स्थित 148 सहकारी समितियां में से 63 को कंप्यूटरीकृत किया जा चुका हैं। सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश सिंह पटेल ने भी जरूरी जानकारी दी। इससे पहले भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह, एआर कोऑपरेटिव ने राज्यमंत्री को ओडीओपी के तहत निर्मित स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया। इस दौरान विधायक नगर रत्नाकर मिश्र, विधायक मड़िहान रमांशकर सिंह पटेल, विधायक छानबे रिंकी कोल, नगर पालिका के अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी, पूर्व विधायक शुचिस्मिता मौर्या, हौसिला पाठक आदि मौजूद रहे।