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Mirzapur News: राजकीय सम्मान के साथ हुआ स्वतंत्रता सेनानी का अंतिम संस्कार

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मिर्जापुर। जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विद्यासागर शुक्ल का मंगलवार को चौबे घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके कनिष्ठ पुत्र राघवेंद्र शुक्ला ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और कांग्रेस के नेताओं ने उनको अंतिम विदाई दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विद्यासागर के निधन से एक युग का अवसान हो गया। स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विद्यासागर शुक्ल का सोमवार को मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह आगमी 27 दिसंबर को 101 वर्ष के हो जाते। उनके निधन की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर व सीओ सदर ने उनके निवास पहुंचकर शोक संवेदना जताई। मंगलवार को चौबे घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर सेवादल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार शुक्ला, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी, राजन पाठक, भाजपा के रामकुमार विश्वकर्मा, छोटे खान आदि मौजूद थे।
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विद्यासागर शुक्ल का जन्म 27 दिसंबर 1922 को महुवरिया में हुआ था। वह बचपन में ही स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों से जुड़ गए थे। वर्ष 1938-39 में अंग्रेज सरकार के खिलाफ पुरुषोत्तम मास्टर के साथ घर-घर नोटिस बांटने, विदेशी वस्त्र जलाने, घरों के नंबर मिटाना जैसे कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्ष 1940 में उन्होंने स्कूल सुपरिटेंडेंट ब्रह्मदत्त दीक्षित की अध्यक्षता में सोनभद्र के राबर्ट्सगंज चौराहे पर तिरंगा झंडा फहराया और वंदे मातरम् गीत गाकर लोगों में देश भक्ति की भावना जागृत की थी। कई बार उन्होंने पुलिस की लाठियां भी खाई थीं। वर्ष 1942 में उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। 13 अगस्त 1942 को जीत नारायण पांडेय, नरेश चंद्र श्रीवास्तव, पुष्कर पांडेय व विद्यासागर शुक्ल ने पहाड़ा रेलवे स्टेशन को लूटने और जलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पिछले दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी थी, जिसके चलते मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया।
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