जिगना। झिलवर गांव में रविवार की दोपहर हुई मारपीट में घायल तीन लोगों को मेडिकल कराने के लिए पीएचसी सर्रोई विजयपुर पर दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन, कोई डॉक्टर नहीं आया। डॉक्टर के न आने पर फार्मासिस्ट ने उपचार किया।
क्षेत्र के झिलवर गांव में रविवार को दोपहर शिवराम और उमेश कुमार के बीच नींव खोदने को लेकर मारपीट हो गई। इसमें एक पक्ष से जनधन देवी (50) पत्नी शिवराम, उसकी पुत्री खुशबू (18) और दूसरे पक्ष से निशा देवी (22) पत्नी उमेश कुमार घायल हो गई। दोनों पक्षों के लोग थाने आए तो पुलिस ने होमगार्ड के साथ घायलों को मेडिकल के लिए पीएचसी भेजा। पीएचसी में तीन से पांच बजे तक डॉक्टर का इंतजार किया गया, मगर डॉक्टर नहीं आए। इसके बाद फर्मासिस्ट ने इलाज किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्रोई की हालत ठीक नहीं है। गरीब मरीज भी अक्सर शिकायत करते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। यह हाल तब है, जब अस्पताल को नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने गोद लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीडी गुप्ता ने बताया कि इमर्जेंसी में डॉक्टर को रहना चाहिए। डाक्टर के न होने की जानकारी की जाएगी।