प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को शुक्रवार की शाम सरकारी अस्पताल के बाहर ठेले पर ही बच्ची को जन्म देना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर वहां तैनात महिला कर्मचारी का उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला।
ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के महोगढ़ी गांव निवासी विक्रमा की 30 वर्षीया पुत्री प्रभावती को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजन शुक्रवार की शाम करीब सात बजे ठेले पर लिटाकर न्यू पीएचसी ड्रमंडगंज ले गए। वहां तैनात एएनएम के नहीं मिलने पर करीब साढ़े आठ बजे साथ गईं महिलाओं के सहयोग से ठेले पर ही प्रसव कराया गया। प्रभावती ने ठेले पर ही बच्ची को जन्म दिया। उसके बाद परिजन ठेले से ही जच्चा-बच्चा को लेकर अपने घर चले गए।
प्रभावती के पिता विक्रमा ने बताया कि ठेले पर ही प्रसव होने के बाद शोर सुन एक एएनएम बाहर निकल कर आईं, लेकिन उन्होंने मौके पर कोई सहयोग नहीं किया। विक्रमा ने अस्पताल की एएनएम पर प्रसव पीड़ा से कराह रही उनकी पुत्री की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सीएचसी हलिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. कामेश्वर तिवारी ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।