कजली महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
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विंध्याचल। श्रीविंध्य शक्ति संघ के तत्वावधान में सोमवार की देर रात विंध्यधाम में अखिल भारतीय कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें ख्यातिलब्ध कला-साधकों ने अपनी प्रस्तुतियों को माता के चरणों में समर्पित किया। वाराणसी, इलाहाबाद, औरंगाबाद, बिहार, जौनपुर, लखनऊ, मिर्जापुर के कलाकारों ने कजली गायन, वादन, एवं शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से भक्तों को खूब झुमाया। महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक एवं विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी एवं संस्था सचिव श्री उपाध्याय ने किया। श्रावण शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर सोमवार की देर रात कलाकारों ने मधुर कजली गीतों के माध्यम से श्रोता सावन का आनंद लेते रहे। शैल बाला बनारस ने मिर्जापुर में विंध्याचली मइया का दरबार बा..., पिया मेंहदी मंगाई द मोतीझील से... की प्रस्तुत से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इलाहाबाद की रंजना त्रिपाठी ने बरसन लागे बदरिया..., गायिका प्रतिमा मिश्रा ने- सावन में घेरि आई बदरिया...सुनाकर वातावरण को सावनमय बना दिया। गायिका रागिनी चंदा ने बहे झूरि-झूरि पूरबी बयरिया..., गायिका रानी सिंह ने सावन में पिया कजरी सुनाई द...पेश कर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यक्षता जयकुमार पांडेय ने किया। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष सुरेंद्र जायसवाल, श्री उपाध्याय, जयंती मिश्रा, शिवम त्रिपाठी, अमन मिश्रा, अनमोल दूबे आदि रहे।