विंध्याचल। गंगाजल से जलाभिषेक तथा वार्षिक निकासी पूजन के दौरान 24 अप्रैल को चार घंटे तक आम श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन नहीं कर सकेंगे। इस दौरान मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। दोपहर आरती, शृंगार और पूजन के बाद मंदिर का कपाट खोल दिया जाएगा।
चैत्र पूर्णिमा के बाद वैशाख मास के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि पर 24 अप्रैल को सुबह 10 से लेकर दोपहर 12 बजे तक पंडा समाज एवं बाकी लोग गंगा जल से पूरे मंदिर की धुलाई करेंगे। दोपहर 12 से दो बजे तक शृंगार पूजन होगा। रात्रि में निकासी पूजन किया जाएगा। मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर से ढोल, मंजीरा के साथ माता का जयकारा लगाते हुए दक्षिण दिशा में निकासी पूजन किया जाएगा। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि वैशाख प्रतिपदा पर मंदिर परिसर की गंगाजल से धुलाई की जाती है। रात्रि में विशेष पूजन एवं माता की निकासी की जाती है। उन्होंने बताया कि पूजन की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।