मिर्जापुर। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तैनात रहे कनिष्ठ लिपिक राजीव कुमार गुप्ता को उप्र पिछड़ा वर्ग आयोग से राहत मिली है। आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली ने उनकी पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राजीव कुमार गुप्ता के एक वेतनवृद्धि समेत सभी बकाया वेतन का भुगतान करने की संस्तुति की है। आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली ने बताया कि लिपिक की पत्नी ने आयोग में शिकायत की थी कि उनके पति पर अनाधिकृत तरीके से धनार्जन करने व भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया था। इसका कोई सबूत नहीं दिया गया। आयोग ने साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा तो मंडलायुक्त के प्रतिनिधि उपस्थित तो हुए लेकिन साक्ष्य नहीं दे सके। इसके बाद कई पत्रों में आरोप के कुछ अंश हटा दिए गए। आयोग के अनुसार इससे स्पष्ट हुआ कि आरोप निराधार था। इस पर आयोग ने वेतनवृद्धि व बकाया वेतन देने की संस्तुति की। श्रीमाली ने बताया कि सुनवाई के दौरान विभाग के लोगों ने कहा कि आरोप को वह लिखित रूप से विलोपित कर रहे हैं। इसके बाद मुकदमा निस्तारित कर बकाये का भुगतान करने को कहा गया है।