मड़िहान। कसेरुआ गांव स्थित श्री मूर्ति श्री ठाकुर जी के नाम लगभग डेढ़ हजार बीघे कुर्क जमीन पर बोई गई फसल विपणन निरीक्षक की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखवा दी गई है। उप जिलाधिकारी मड़िहान ने बताया कि दो पक्ष में मालिकाना हक को लेकर विवाद पैदा हो गया था। तहसीलदार संजीव कुमार यादव ने कुर्क जमीन से प्राप्त अनाज को विपणन निरीक्षक की सुपुर्दगी में रखवा दिया है।
श्री मूर्ति श्री ठाकुर जी के नाम कसेरुआ गांव की खतौनी में 279.250 हेक्टयर जमीन दर्ज है। बताया जाता है कि महंत केशवदास की मौत के बाद चेला नारायनदास मठ की जमीन की देखभाल करते रहे। नारायनदास को मृत दिखाने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर बीते 16 मार्च को श्रवण कुमार उर्फ पम्पम गुरु तथा श्याम बिहारी निवासी कोटवा-मोहनपुर थाना पड़री के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना चल रही है। तीन साल पहले मठ की जमीन की बैनामा के मामले में अधिवक्ता सीताराम समेत नरायनदास, प्रदीप कुमार कटियार, तेजप्रताप सिंह तथा राजेन्द्र सिंह पर लालगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसकी जांच लंबित है। इस संबंध में विवेचक शिव प्रकाश यादव ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। उप जिलाधिकारी युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि सक्षम न्यायालय के आदेश तक जमीन पर किसी का कब्जा नहीं रहेगा।