मिर्जापुर। खनन सामग्री हो या पशु और मादक पदार्थ तस्करी इन सबसे वसूली का तार मिर्जापुर से लेकर पूरे पूर्वांचल में जुड़ा है। मिर्जापुर जिले के बॉर्डर से ही होकर न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि गैर प्रांतों से आने वाले मादक पदार्थ तस्करों की गाड़ी को भी पार कराने पर मोटी वसूली की जाती है। जिले में तो कुछ वर्ष पहले अदलहाट और अहरौरा थाने में वसूली का लिस्ट भी वायरल हुआ था। यही नहीं ओवरलोड वाहनों से वसूली करते हुए पुल पर एक व्यक्ति भी पकड़ा गया था। इसके बाद भी वसूली का खेल नहीं रुक रहा है।
बीच-बीच में ऐसे वाहन पकड़े जाते हैं, पर वसूली कर वाहनों को पास कराने का खेल तो हर दिन होता रहता है। बिना खनन प्रपत्र व ओवरलोड खनन वाहनों को पास कराने का खेल तो जिले में वर्षों से हो रहा है।
मिर्जापुर से होकर पूर्वांचल के जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर आदि जिलों में जाने वाले ओवर लोड वाहन से बार्डर के हर थाना चौकी पर रेट फिक्स है। जिले के हलिया, ड्रमंडगंज, अदलहाट थाना की नरायनपुर चौकी, जिगना थाना, कटरा कोतवाली की नटवा चौकी, चील्ह थाना की टेड़वा चौकी आदि स्थानों पर हर गाड़ी का रेट फिक्स है। ओवरलोड वाहनों से तो पुलिस ही नहीं परिवहन, खनन, वन विभाग आदि हर विभाग वसूली करती है, पर बार्डर पर बिना पुलिस के बैरियर पर फिक्स रेट का भुगतान किये कोई वाहन जिले के पार नहीं जा सकता है। शास्त्री पुल पर तो बड़े व भारी वाहन पर बंद है, पर रात को ओवरलोड वाहन आराम से पार होते है। रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक यह खेल चलता है।
नटवा पिकेट पुलिस प्रति ट्रक 500 रुपये और पुल के पास चील्ह थाना के टेढ़वा चौकी पर 5000 रुपये माह प्रति ट्रक फिक्स है। यही हाल नरायनपुर पुलिस चौकी का है। वहां पर तीन हजार रुपये महीना प्रति ट्रक फिक्स है। परिवहन विभाग का भी 4000 हजार रुपये प्रति ट्रक प्रति माह फिक्स है।
जिले से प्रतिदिन राखड़ के 300 ओवरलोड वाहन, शास्त्री पुल से गिट्टी के 200 और नरायनपुर से 2000 वाहन पास होते हैं। अदलहाट थाने के वसूली की पर्ची वायरल हुई थी। मार्च 2021 में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर अदलहाट थाने के 20 लाख रुपये प्रतिमाह वसूली की मामले में कार्रवाई की मांग की थी। वायरल लिस्ट में पशु तस्कर, खनन आदि से वसूली करना लिखा था। जनवरी 2021 में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने शास्त्री पुल पर रंगेहाथ वसूली करते एक युवक को पकड़ा था, जो पुलिस के कहने पर वसूली करता था। जिससे पुलिस पर शक न हो। अब देखना होगा कि मिर्जापुर में वसूली के खेल पर कब कार्रवाई होती है।
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ट्रेन से सोना तस्करी का खेल, वसूली में क्राइम ब्रांच की टीम पर हुई थी कार्रवाई
मिर्जापुर। जिले के बाॅर्डर से मादक पदार्थ, पशु तस्करी और खनन सामग्री को तो पास कराया ही जाता है, ट्रेन से सोना तस्करी भी होती है। मिर्जापुर से कोलकाता रूट पर सोने की तस्करी होती है।
27 नवंबर 2019 को छिप्रा एक्सप्रेस में जा रहे सराफा व्यवसायी से मिर्जापुर स्टेशन पर ट्रेन में क्राइम ब्रांच की टीम ने तस्करी का माल बताते हुए सोना लूट ले गए थे। रेलवे स्टेशन के सीसी कैमरे में क्राइम ब्रांच टीम के लोग दिखाई दिये थे। क्राइम ब्रांच टीम की धमकी के कारण मामला कई दिन दबा रहा। सराफा व्यवसायी की शिकायत पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर ने एक उप निरीक्षक और दो सिपाही का निलंबित किया था।