बादलों के बीच सूरज की लुकाछिपी से शनिवार को ठंड बढ़ गयी। ठंड हवाओं से आम जन बेहाल रहे। शाम ढलते ही लोग घरों के अंदर हो गए।
सुबह कुछ देर के लिए सूर्य दिखने के बाद फिर से बादलों में छिप गए। धुंध सा छाया रहा। धुंध के बीच धूप निकलने के बावजूद गलन बरकरार रही। रेलवे व बस स्टेशनों के साथ ही चौराहों और तिराहों पर लोग ठिठुरते दिखे। महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के समन्वयक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. आरके मल्ल व तकनीकी अधिकारी शिव मंगल सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि पश्चिम विक्षोभ का प्रभाव कम हो गया है। आसमान में छिटपुट बादल दिख रहे हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में धीरे-धीरे मौसम शुष्क हो जाएगा।