मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के लल्लाघाट पर बुधवार की दोपहर गंगा में हाथ-पैर धोने के दौरान पैर फिसलने के चलते डूबे दो सगे भाइयों में छोटे भाई का शव शुक्रवार को शास्त्री पुल के नीचे बरामद हो गया। एनडीआरएफ की टीम ने घाट के पास से शव को बरामद किया। बड़े भाई की तलाश जारी है। शुक्रवार की देर शाम तक उसको ढूंढा नहीं जा सका था। बच्चे का शव बाहर निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कटरा कोतवाली क्षेत्र के लल्ला घाट निवासी रमाशंकर मौर्या फेरी लगाते हैं। उनका घर घाट से 200 मीटर की दूरी पर है। दोपहर में वो फेरी लगाने गया था, पत्नी भी किसी काम से बाहर गई थी। दोपहर में दो बजे एक महिला घाट पर एकादशी का पूजा करने आई थी। इस दौरान बच्चे घाट पर ही खेल रहे थे। महिला पूजा करने के बाद बच्चों को प्रसाद बांटने के लिए बुलाई। प्रसाद खाने के बाद रमाशंकर का बड़ा पुत्र 12 वर्षीय गौरव मौर्या घाट पर हाथ-पैर धोने लगा। तभी उसका पैर फिसल गया, इससे वह गंगा में डूबने लगा। पास खड़े उसके साथी आदित्य ने उसका हाथ पकड़ लिया। डूबता देखकर गौरव का छोटा भाई 10 वर्षीय रितेश भी गंगा में उतरकर भाई को बचाने की कोशिश करने लगा। तभी आदित्य का हाथ छूट गया। बचाने में गौरव के साथ उसका भाई रितेश गंगा में डूब गए। गुरुवार को बच्चों के गंगा में न मिलने पर दोपहर में परिजनों ने मोहल्ले वालों के साथ शास्त्री पुल पर सड़क जाम कर एनडीआरएफ को बुलाकर खोजबीन कराने की मांग करने लगे। बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ घाट पर पहुंची। शुक्रवार की सुबह एनडीआरएफ ने खोजबीन अभियान शुरू किया। दोपहर में छोटे भाई रितेश का शव गंगा नदी में शास्त्री पुल के नीचे मिला। शव बाहर आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़े भाई गौरव मौर्या की तलाश जारी है। कटरा कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।