मेडिकल कॉलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल में आने वाले समय में एम्स की तर्ज पर इमरजेंसी सेवा दी जानी है। इसके लिए प्रशिक्षण के बाद शुक्रवार को मॉक ड्रिल किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों के निर्देशन में इमरजेंसी में मरीज के इलाज का अभ्यास किया गया।
जिले से डॉ. सुनील सिंह और डॉ. दिलीप चौरसिया पांच से नौ दिसंबर तक एम्स में जाकर प्रशिक्षण लिया है। प्रशिक्षण के दौरान रेड, येलो और ग्रीन जोन बनाकर मरीज का इमरजेंसी में उपचार के तरीके बताए गए। इसके बाद दोनों डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों व अन्य स्टॉफ को प्रशिक्षण दिया। शुक्रवार को इमरजेंसी में आए मरीज के उपचार के लिए मॉक ड्रिल की गई।
इसमें सुबह 10 बजे सीने में दर्द की शिकायत लेकर इमरजेंसी में एक मरीज आया। वार्ड ब्वाय उसे इमरजेंसी में लाते समय ही रेड चिल्लाने लगा। इसके बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर व स्टाफ सतर्क हो गए। डॉ. सुनील सिंह मरीज के परिजन बने थे। उन्होंने बताया कि मरीज एक घंटे पहले बात करते समय बेहोश हो गया। जिसके बाद डॉक्टर व अन्य मरीज का इलाज करने लगते हैं।
इसके बाद एक आर और पूर्वाभ्यास किया गया। दोनों पूर्वाभ्यास करने के बाद लोगों से उसमें रह गई गलतियों के बारे में बताया गया। ताकि आने वाले समय में ऐसे मरीज के आने पर लोग उसे बेहतर सेवा दे सकें। इस दौरान डॉ. विशाल, डॉ. सुंदरम, स्टाफ नर्स ज्योत्सना, फार्मासिस्ट दिनेश, सत्या आदि मौजूद रहे।