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Mirzapur News: मंडलीय अस्पताल में चार घंटे हड़ताल, मरीज रहे बेहाल

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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में मरीज के परिजन और डाॅक्टर के बीच विवाद के बाद शुक्रवार को सुबह डॉक्टरों और कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। पर्चा काउंटर, ओपीडी सेवा और जांच सेवा ठप रहने से दूर दराज से आए मरीज परेशान रहे। मामले की जानकारी पाकर प्रभारी प्राचार्य और सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने डाॅक्टरों को 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन देकर दोपहर 12 बजे ओपीडी बहाल कराई। नगर के गैबीघाट इमामागंज निवासी 70 वर्षीय कुसुम यादव को बृहस्पतिवार की शाम को मंडलीय अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उनको डॉक्टर रेफर कर दिया। इस बात को लेकर विवाद होने लगा। जूनियर रेजिडेंट डॉ. प्रिंस ने बताया कि वृद्धा की हालत गंभीर थी। मेडिकल वार्ड में इलाज के दौरान परिजन को उनकी हालत गंभीर होने के बारे में बताया गया तो परिजन वीडियो बनाते हुए बदसलूकी करने लगे। उन्होंने हाथपाई की और मुझे कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर अस्पताल चौकी पुलिस आई और मामला शांत कराया। इसके बाद वह इमरजेंसी में मरीज देखने गए तो वहां भी आरोपियों ने उनके साथ मारपीट और तोड़फोड़ किया। वहीं, मरीज के साथ आई सोनम यादव ने बताया कि डाॅक्टर से कहा गया कि दो दिन के लिए भर्ती कर लीजिए, आराम मिलने पर मरीज को वाराणसी लेकर जाएंगे। पर डाॅक्टर बोले यहां इलाज नहीं हो सकता, अपने मरीज को लेकर जाओ। विवाद होने पर डॉक्टर ने परिजनों के साथ मारपीट की गई। शुक्रवार को सुबह डाॅक्टरों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। सुबह आठ बजे पर्चा काउंटर, ओपीडी और जांच सेवा बंद हो गई। इससे मरीज परेशान रहे। कुछ देर बाद मेडिकल काॅलेज के प्रभारी प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास, एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह और सीओ सिटी मनोज गुप्ता पहुंच गए। लंबी वार्ता के बाद 24 घंटे के अंदर कार्रवाई के आश्वासन पर दोपहर 12 बजे ओपीडी बहाल हुई। इसके बाद पर्चा काउंटर, ओपीडी और जांच केंद्र पर मरीजों की भीड़ लग गई।
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