फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

45 लाख खर्च फिर भी नसीब नहीं हुआ पानी

Sat, 12 Mar 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
विकास खंड राजगढ़ में 33 सौ हैंडपंप, 16 सौ कूपों के बावजूद ग्रामीण जनता शुद्ध पेयजल के लिए तरस रही है। मौसम ज्यों ज्यों अपना रंग दिखाता जा रहा है, वैसे वैसे वैसे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्राम प्रधानों द्वारा दिसंबर-जनवरी माह में ही क्षेत्र के 83 ग्राम पंचायतों में लगभग 45 लाख रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पाया है। 
विज्ञापन



हैंडपंपाें को ठीक कराने के नाम पर राज्य वित्त के धन का बंदरबाट किया जा रहा है। नवनिर्वाचित  ग्राम प्रधानों द्वारा हैंडपंप मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है, बावजूद इसके मार्च माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब तीन से चार हैंडपंप खराब हैं।


जनवरी-फरवरी माह में ही सभी ग्राम प्रधानों द्वारा अपने ग्राम पंचायतों के  खराब पड़े 25-30 हैंडपंपों के एवज में 50 से 80 हजार रुपये तक खर्च कर दिया गया है, फिर भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन



बता दें कि राजगढ़ क्षेत्र को दो वर्ष पूर्व ही केंद्रीय टीम ने जल संरक्षण के तहत जांच के दौरान बता  दिया था कि पहाड़ी इलाका होने के कारण बारिश व नहर के पानी के द्वारा ही शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जा सकता है। क्षेत्र में चार सौ फीट मोटी चट्टान होने से ऊपरी सतह का पानी ही पीने और सिंचाई के लिए कारगार होगा, नीचे करीब चार सौ फीट बोरिंग करने पर केवल डस्ट ही उड़ती रह जाती है, लेकिन पानी नसीब नहीं होता है।
विज्ञापन



ऐसी स्थिति में राजगढ़ क्षेत्र को शुद्ध पेयजल के लिए मार्च से जून माह तक केवल सोनलिफ्ट पंप कैनाल ही का ही एकमात्र सहारा है। 
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें