मिर्जापुर। स्टार्ट अप योजना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच लाख तक ऋण लेकर सर्विस सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्र में कार्य शुरू किया गया है। लोन लेने के बाद वर्तमान में 72 इकाइयों का पता नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में 2600 लक्ष्य के सापेक्ष जिले में कुल 1569 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें कुल 1522 अभ्यर्थियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। जिला उद्योग केंद्र 1450 इकाइयों के संचालन का दावा कर रहा है, लेकिन 72 इकाइयाें के ऋण स्वीकृत होने के बावजूद कोई खोज खबर नहीं है। आशंका है कि ऐसी इकाइयां ऋण लेकर दूसरे काम में जुट गईं हैं। कोरोना काल के बाद से बहुत से युवा नौकरी छोड़ करके स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। कई तो लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़कर कृषि के क्षेत्र में कदम बढ़ा चुके है। आज वे अच्छी आमदनी भी कर रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र की पहल पर 35 लाख ऋण लेकर गोल्डी व्यूटी पॉर्लर संचालित कर रही हैं वहीं मीनाक्षी व शिवांक मौर्य पांच लाख ऋण से पेपर प्लेट फैक्ट्री संचलित कर रहे हैं। वंदना देवी नूडल मेकिंग यूनिट संचालित कर आज आत्म निर्भर हैं।