राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय मिर्जापुर में पेंशन से संबंधित 20 मामले लंबित होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ से दो दिन के अंदर सभी मामलों को निस्तारित करने का निर्देश दिया।
पेंशन अदालत में मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने 83 मामलों की सुनवाई की। इनमें से 21 वादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी मिर्जापुर कार्यालय से संबंधित सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों से जुड़े 33 मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी सोनभद्र से उन्होंने मोबाइल पर बात कर उनके कार्यालय से संबंधित दो मामलों का निस्तारण नियमानुसार करने का निर्देश दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मिर्जापुर कार्यालय से संबंधित 20 मामले लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ को दो दिन के अंदर सभी 20 मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी मुनक्का सिंह के प्रकरण में निर्देश दिया कि यदि जीपीएफ से गलत तरीके से धनराशि की निकासी की गई हो तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। पेंशन अदालत में राजकुमार शुक्ल, अर्चना त्रिपाठी, धर्मेंद्र पति त्रिपाठी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।