मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने ट्रामा सेंटर में उपचार कराने आए मरीज का उपचार से पहले रक्त की जांच बाहर से कराए जाने के मामले में तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी। जबकि उन कर्मचारियों का कहना है कि उन लोगों ने बाहर से जांच नहीं कराया, उनके खिलाफ गलत कार्रवाई की गई। मंडलीय अस्पताल परिसर स्थित ट्रामा सेंटर में बृहस्पतिवार की शाम को एक घायल मरीज आया। जहां पर उसकी बाहर से खून की जांच कराई गई। मरीज के परिजनों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दी। मौके पर पहुंचे प्राचार्य डा. आरबी कमल ने जांच पड़ताल के बाद आउट सोर्सिंग के तीन कर्मचारियों स्टाफ नर्स रितू निषाद, रामवृक्ष और वार्ड ब्वाय राजकमल की सेवा समाप्त कर दी। साथ ही कार्यदायी संस्था को पत्र लिखा। मामले में रितू निषाद और रामवृक्ष ने बताया कि उन लोगों ने मरीज का उपचार किया। जांच डाक्टर ने लिखा था। उन लोगों ने बाहर से जांच के लिए किसी को नहीं बुलाया गया। उनके खिलाफ गलत कार्रवाई की गई है। प्राचार्य डा. आरबी कमल ने बताया कि घायल मरीज के आने पर ट्रामा सेंटर में दो गुट ने अलग-अगल लोगों को जांच के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों गुट आपस में भिड़ गए। अस्पताल में सुविधा होने के बाद भी बाहर से जांच कराई गई। ऐसे में दोनों गुटों के तीन लोगों की सेवा समाप्त की गई।