चील्ह थाना क्षेत्र में चील्ह चौराहा से ब्लॉक मुख्यालय मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर हुए अतिक्रमण को बृहस्पतिवार को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया गया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने आए अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अपना घर उजड़ते देख दो महिलाएं अचेत हो गईं। उन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
तहसीलदार सदर अरुण गिरी थानाध्यक्ष चील्ह अजीत कुमार श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एपी सिंह, अवर अभियंता सुशील कुमार व पुलिस फोर्स के साथ अतिक्रमण हटवाने चील्ह चौराहा पहुंचे। चौराहा से ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क के उत्तर पटरी पर एक-एक कर अतिक्रमण की जद में आए घर, मकान व झोपड़ी को हटवाने लगे। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। अतिक्रमण की जद में आने पर जिनका मकान गिर रहा था, वे अपना-अपना सामान हटाने लगे। इसी बीच घर गिरते देख दो महिलाएं बेहोश हो गईं। जिन्हें परिजनों ने उपचार के लिए पास स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। लोगों का कहना था कि कई दशक से वे यहां रहते आ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की सड़क सीधे चील्ह बाजार से जाती थी। सरकार द्वारा बरसात के मौसम में गरीबों को बेघर किया जा रहा है। आरोप लगाया कि पुस्तैनी जमीन सरकारी बताकर गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनका मकान गिरने के बाद कहीं रहने का आसरा नहीं है। तहसीलदार सदर अरुण गिरी ने कहा कि 22 जून को संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन किसी ने अतिक्रमण नहीं हटाया। चार दिन की और मोहलत दी जा रही है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एपी सिंह ने बताया कि वर्तमान में सात मीटर चौड़ी सड़क है, जबकि पीडब्ल्यूडी की जमीन सड़क के मध्य से 80 फीट दोनों तरफ है। काफी हिस्से पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया है।