मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी में मंगलवार को देर रात एक बच्चे के इलाज को लेकर दो लोग डाॅक्टर से भिड़ गए। आरोप है कि गाली देते हुए हाथापाई पर उतर आए। हंगामा होने पर अस्पताल चौकी पुलिस के साथ अलावा शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। डाॅक्टर ने शराब के नशे में विवाद करने और धमकी देने का आरोप लगाया। शहर कोतवाली में दो लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट, गाली देने, एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इमरजेंसी में मंगलवार को देर रात करीब 11 बजे हलिया निवासी भूपेंद्र कुमार अपने छह वर्षीय पुत्र ललितेश को लेकर इमरजेंसी में पहुंचा। उसने बताया कि बच्चे को दो दिन पहले बिच्छू ने काट लिया था। इमरजेंसी में तैनात डॉ. पवन राय ने बच्चे का इलाज शुरू किया। इसी बीत रात करीब 11 बजे मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल भी राउंड पर पहुंच गए थे। प्राचार्य ने ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. देवराज यादव को बुलाया। बच्चे का इलाज किया जा रहा था। डाॅक्टर ने प्राथमिक उपचार शुरू कर बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे बाहर ले जाना होगा। इसके लिए बच्चे का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। ताकि समस्या न हो। इस पर बच्चे के पिता के साथ आए दो लोगों से विवाद हो गया। आरोप है कि दोनों लोग डाॅक्टर को गाली देने के साथ ही धमकी देने लगे। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस पर प्राचार्य ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर अस्पताल चौकी पुलिस के अलावा शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। डाॅ. पवन राय ने थाने में तहरीर देकर बताया कि बच्चे का इलाज कराने आए पिता के साथ दो और लोग आए थे, जो गाली देते हुए धमकी देने लगे। शराब के नशे में हाथापाई की।
प्रभारी शहर कोतवाल अंजनी कुमार राय ने बताया कि रात में डाॅक्टर से विवाद करने पर रूपेश पांडेय निवासी न्यू वीआईपी विंध्याचल और सुशील मिश्रा निवासी बथुआ बीरमउवा कोतवाल देहात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, गाली देने, एससी-एसटी एक्ट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।