दोनों अधिकारियों ने शुक्रवार को मौके पर जाकर जांच की। इस दौरान जांच में प्रथम दृष्टया प्रभारी प्रधानाध्यापिका व रसोइया को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया और रसोइया की सेवा समाप्त कर दी। साथ ही खंड शिक्षाधिकारी मुख्यालय को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। बीएसए ने रसोइयों का चयन प्रतीक्षा सूची से करने का निर्देश भी दिया।
बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में ये तथ्य सामने आए हैं कि संबंधित ग्राम प्रधान ने मध्याह्न भोजन बनवाने में सहयोग नहीं किया। साथ ही मध्याह्न भोजन पर जो धनराशि खर्च की गई, उसके चेक पर हस्ताक्षर भी नहीं किया। उन्होंने प्रधान पर यह आरोप भी लगाया कि बाहरी व्यक्ति को बुलाकर मध्याह्न भोजन बनाए जाने के दौरान का वीडियो बनवा लिया। बीएसए ने बताया कि मध्याहन भोजन बनवाने में सहयोग नहीं करने पर संबंधित प्रधान के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन में जो भी गड़बड़ी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।