मिर्जापुर। जिले में एक नवंबर से 66 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जाएगी। पहले 54 केंद्रों पर खरीद होनी थी लेकिन अब 12 और केंद्रों को और स्वीकृति दी गई है। इस दौरान खरीद की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों की सुविधा के लिए शासन ने एक और व्यवस्था की है। आनलाइन के साथ ही ऐसे किसान जिसके पास नेट व एंड्रायड फोन की सुविधा नहीं है। और वह आनलाइन पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। उनके लिए केंद्रों पर आफलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था की गई है। अभी तक 18 हजार किसानों ने आनलाइन पंजीकरण करा लिया है। इनमें से अधिकांश का सत्यापन भी हो गया है। अब केवल उनको अपना तैयार धान की फसल बेचना भर है। सभी केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। लेखपालों को प्रमुखता से लगाया गया है। इससे लाभ यह होगा कि खतौनी आदि का मौके पर ही सत्यापन हो सकेगा। इससे किसानों को रकबे के सत्यापन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने एक आदेश जारी कर सभी एसडीएम से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों पर लेखपालों की ड्यूटी लगाएं ताकि क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। वे वहां पर बोरा व अन्य उपकरणों की उपलब्धता व अन्य जानकारी दे सकेंगे। लालगंज : स्थानीय तहसील मुख्यालय के पास विपणन केंद्र लालगंज में धान खरीद की तैयारी किया गया है। यहां दो क्रय केंद्र प्रथम और द्वितीय बनाए गए हैं। दोनों क्रय केंद्र पर आनलाइन कराने वाले किसानों के धान खरीद की जाएगी। क्रय प्रभारी दशरथ लाल ने बताया कि धान के खरीद करने का सिस्टम तैयार है। जिगना : विकास खंड छानबे मे खाद्य एवमं रसद विभाग द्वारा भटेवरा में धान क्रय केंद्र खोला गया है। जहां पर किसानों को पानी पीने व बैठने की व्यवस्था की गई है। प्रभारी शालिनी शर्मा ने बताया कि नमी मापक मशीन, बोरा, डस्टर, कांटा आदि सब दुरुस्त है। अभी तक 105 किसानों ने सम्पर्क रजिस्टर में नाम दर्ज कराया है । डीआरएमओ धनंजय सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर तैयारियां पूरी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धान की खरीद की जाएगी। हालांकि जिले में आमतौर पर किसान 15 नवंबर के आसपास आना शुरु होते हैं।